अंट-शंट

दिल में अरमान बहुत हैं लिख डालने के.पता नहीं उँगलियों को क्यों भरोसा नहीं होता कि मैं कुछ लिखूंगा तो की-बोर्ड की स्याही ख़त्म नहीं होगी.

Friday, October 8, 2010

मेरी शुरुआत


आज चैत्र नवरात्र का पहला नवरात्र है.प्रथमं "शैलपुत्री ".यूँ भक्त तो हूँ नहीं क्योंकि आज तक भक्ति करना सीख नहीं पाया पर एक धार्मिक परिवार में पैदा हुआ हूँ तो आज का दिन कुछ खास लग रहा है.

अपना ब्लॉग बनाने का विचार जब से I.I.M.C. गया हूँ तभी से था पर कभी "लापरवाही" तो कभी "क्या लिखूंगा" का जिन्न बाहर ही नहीं पाया .वैसे इसी २४ जुलाई को तो मैंने खुद से प्रतिबद्धता कर ली थी की आज से तो एक पोस्ट रोज़ लिखूंगा क्योंकि इस दिन को अंग्रेजियत की कृपा से मेरे जन्म दिन के त्यौहार के रूप में माना जाता है.
आजसे शुरुआत कर रहा हूँ."क्या लिखूं" की टीस अभी से होने लगी है,पर आसमान की तरफ कंकड़ उछालकर तो देखूं कितनी मार करता है.

सभी इन्टरनेट प्रेमियों से साधुवाद की उम्मीद रखता हूँ .
जय हिंद .

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