पलक झुकाए आँखें खोले जब सर पल्लू से ढकती हो.
इन धुधली तस्वीरों में तुम कितनी अच्छी लगती हो?
भीगी पलकें भारी मन से फिर कब आओगे कहती हो.
इन धुधली तस्वीरों में तुम कितनी अच्छी लगती हो?
फ़ोन करूँ तो धीरे से तुम "आई लव यू" सा कहती हो.
इन धुधली तस्वीरों में तुम कितनी अच्छी लगती हो?
रोज़ नहाके फूल सजाके नाम हरी का जपती हो.
इन धुधली तस्वीरों में तुम कितनी अच्छी लगती हो?
इन धुधली तस्वीरों में तुम कितनी अच्छी लगती हो?
बात बदलकर रोते रोते, अब जवां हो गयी कहती हो.
इन धुधली तस्वीरों में तुम कितनी अच्छी लगती हो?
क्यों रोती हो जो पूछूँ तो "नहीं समझोगे" कहती हो.
इन धुधली तस्वीरों में तुम कितनी अच्छी लगती हो?
आंसू पोछ आप संभल के, "बात चली है" कहती हो.
इन धुधली तस्वीरों में तुम कितनी अच्छी लगती हो?
मैं पूछूँ 'अब क्या होगा?' तो भाग चलें क्या कहती हो.
कल दो तस्वीरें लेकर पापा बोले किसपर हामी भरती हो?
इन धुधली तस्वीरों में तुम कितनी अच्छी लगती हो?
इन धुधली तस्वीरों में तुम कितनी अच्छी लगती हो?
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